- हजारों नर नारियों ने यज्ञ में सहभागिता कर विश्वशांति और युग निर्माण के संकल्प को दोहराया
हरिद्वार।
अखिल विश्व गायत्री परिवार वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्मशताब्दी वर्ष को वैश्विक स्तर श्रद्धा एवं उमंग के साथ मना रहा है। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शृंखला के अंतर्गत अमेरिका के न्यू जर्सी की धरती पर 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। महायज्ञ के संचालन हेतु देवसंस्कृति विवि के उपाध्यक्ष डॉ चिन्मय पण्ड्या के नेतृत्व में उच्च प्रशिक्षित टीम अमेरिका पहुंची है। यह आयोजन श्रद्धा, साधना और लोकमंगल की भावना के साथ सम्पन्न हुआ। अमेरिका के विभिन्न राज्यों से पहुँचे हजारों नर नारियों ने महायज्ञ में सहभागिता कर विश्वशांति, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और युगनिर्माण के संकल्प को दोहराया। वहीं महायज्ञ के समापन अवसर पर विशेष दीप महायज्ञ का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी का जन्मशताब्दी वर्ष युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माताजी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का वैश्विक जनजागरण अभियान है। उन्होंने कहा कि गुरुसत्ता का स्नेह, संरक्षण और मार्गदर्शन प्रत्येक साधक के साथ निरंतर जुड़ा हुआ है। आवश्यकता इस दिव्य प्रेरणा को सेवा, साधना, संस्कार, आत्मपरिष्कार एवं समाज निर्माण के रचनात्मक प्रयासों में रूपांतरित करने की है। उन्होंने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष के प्रत्येक कार्यक्रम को जनजागरण, व्यक्तित्व परिष्कार और युगनिर्माण का प्रभावी माध्यम बनाते हुए अधिकाधिक लोगों तक गुरुदेव एवं वंदनीया माताजी के जीवन-दर्शन और विचार क्रांति का संदेश पहुँचाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान जन्मशताब्दी वर्ष को महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुआ। न्यू जर्सी राज्य की सीनेट एवं जनरल असेंबली द्वारा संयुक्त विधायी प्रस्ताव पारित कर वंदनीया माताजी के जन्मशताब्दी वर्ष को आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई। प्रस्ताव में वंदनीया माताजी के आध्यात्मिक जागरण, नारी सशक्तिकरण, मानवीय सेवा, नैतिक मूल्यों तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार के वैश्विक रचनात्मक अभियानों की विशेष सराहना की गई।
इसी क्रम में पिस्काटावे टाउनशिप के मेयर ब्रायन सी. वाहलर ने विशेष प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर वंदनीया माताजी के शिक्षा, सेवा, नारी जागरण और समाज निर्माण में योगदान का अभिनंदन किया। डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने कहा कि यह सम्मान किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और विश्वकल्याण के उस अभियान का सम्मान है, जिसे युगऋषि और वंदनीया माताजी ने प्रारंभ किया।
महायज्ञ के दौरान भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख मांडविया का विशेष संदेश भी प्रसारित किया गया। उन्होंने युगऋषि की प्रेरणा से संचालित व्यसनमुक्ति जनजागरण अभियान तथा ष्नशा मुक्त युवा विकसित भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं एवं परिजनों ने जन्मशताब्दी वर्ष को समाज परिवर्तन का अभियान बनाते हुए व्यसन मुक्त, संस्कारित और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प व्यक्त किया।
